Monday, 30 October 2017

GOD CAN FEEL

When no one can feel
then only GOD can feel me,
for me no one is free
i just wish GOD
everywhere to be,
each and every time
GOD changes my woes into glee,

For being with me
i am grateful to GOD thine,
instead of thy
no one is mine,

You always cheer up me
in my infelicity,
you are the only one
who knows me and my probity...

Sunday, 29 October 2017

कमज़ोरी है मेरी

लोग कहते हैं कि मैं
अपनी हसी के पिछे
हर ग़म छुपा लेती हुँ
गिली होने से पहले ही
अपनी पलकों को सुखा लेती हुँ
अरे यह कोई हुनर नही
बलकि कमज़ोरी है मेरी
जो याद आने से पहले ही
लोगों से खाए धोखे को भुला देती हुँ
खुद ही कम हो जाता है दरद जब
बीते लमहों का सफ़र
मैं अपनी शायिरी में सुना देती हुँ
हर बार रोई हुँ
हर उस चीज़ को खोकर
जिसे कुछ हद् से ज्यादा ही
मैं चाह लेती हुँ
बस खुश रहे हर वो शख्स
जो मुझसे जुड़ा है
अपने दिल से मैं सबको
यही दुआ देती हुँ

Saturday, 28 October 2017

अगले मोड़ पर

क्यों हमारी ज़िन्दगी में ऐसे दौर आतें हैं 
जो हस्ती हस्ती आँखों में आंसू ले आते हैं 
लाख कोशिश कर ले चाहे इन्सान 
मगर वक़्त के हाथों 
ज़िन्दगी की किताब के 
कुछ पन्नें अपने आप ही पलट जातें हैं 
हसरतें रखने का शौंक 
तो कब से मिटा लिया हमनें  
अब बचे अरमानों पर यकीं 
हम कहाँ कर पातें हैं 
चलने की कोशिश करेंगे हम भी 
जैसे लोग चलते हैं 
देखते हैं  कब तक लोग हमें 
याद रख पाते हैं 
हम तो भूलने से रहे 
अपनी सजा का मंज़र 
जानना अब यह है कि 
अगले मोड़ पर हम 
किसको पीछे छोड़ जातें हैं 
और किसको 
अपने साथ खड़ा पातें हैं  

Friday, 27 October 2017

बदलते लोग बदलता वक्त


 बदलते लोग और बदलता वक्त 
बहुत कुछ सिखा जाता है 
जब मिलती है ठोकर हर चौखट से 
सच मानो तब 
हर हाल में जीना आ जाता है 
कौन साथ है कौन ख़िलाफ है 
तब अच्छा बुरा सब 
सामने आ जाता है
चलो छोड़ो क्या करना ग़िला 
अब वक्त से 
यह बुरा वक्त भी तो 
अच्छे के लिए ही आता है

मेरा नसीब


 न कोई करीब है सब कुछ अजीब है 
दिमाग में ख्यालों का सैलाब 
और दिल खामोशी का मरीज़ है
मै आम रहुँ या खास कोई परवाह नही
यह तो मेरी अपनी तकदीर है 
जिसके पास वफादारी का खिलौना है
उसकी किसमत में ही रोना है 
असल में सच बोलूँ तो यही मेरा नसीब है 
हाथों को लिखना पसंद है
और एक मन है जो चुप्पी का फ़कीर है

Thursday, 26 October 2017

NO OTHER CHOICE


Thoughts're making plan
To form their troop
Whenever i try to sleep
They too try to snoop
Mind has no privacy
All time there
Thoughts make noise
Redundant of silence
Is better than voice
Over and above 
no other choice

Tuesday, 24 October 2017

तमाम हसरतें


दिल में है यादों का सागर

आँख नदिया सी बहती हैं
क्यों आज भी मेरे दिल में 
हसरतें तमाम रहती हैं
मैं क्या जानुँ कि 
मेरी तकदीर क्या कहती है 
बस हौसले बुलन्द रख अपने
मुझसे यह मेरी सोच कहती है 
मत सोच दुनिया के बारे में 
कहने दे इसे ये जो भी कहती है 
फ़रेब का नकाब औढ़े बैठे हैं लोग
क्या पता फिर से
कौन कब कहाँ धोखा दे जाए 
दिल को हर वक्त बस यही बेचैनी सी रहती है

COLLECT SOME PEACE


After sun sets 

need some rest
Taking little sleep
Makes health best
Let the heart feel glee
By hearing sound of fife
Try to collect some peace
For enjoy full life

Monday, 23 October 2017

क्या कर सकते हैं


अगर कोई युन्ही गिर जाए तो उठा भी लें 
मगर जब कोई नज़रों से ही गिर जाए 
तो क्या कर सकते हैं 
सुनाने को तो हज़ार गिले 
दबा कर रखे हैं दिल में 
मगर जब कोई  सुनना ही न चाहे 
तो क्या कह सकते हैं 
साथ देने वाले का साथ 
हम उमर भर निभाएंगे 
मगर जब वो खुद ही  पिछे हट जाए
तो क्या कर सकते हैं 
माना अभी कम है अनुभव मुझे लोगों को समझने का 
मगर जब न चाहते हुए ही
अनुभव आ  जाए 
तो क्या कर सकते हैं

जब वक्त बदल जाता है


कौन रखता है याद पुरानी बातों को
जब वक्त बदल जाता है
गुज़रे वक्त को अक्सर भूला देते हैं लोग
जब उनका अच्छा वक्त आता है
मेरे जैसे चेहरे 
तब अजनबी लगने लगते हैं
जब लोगों का मतलब निकल जाता है 
कैसे कह दूँ कि इन्सान पक्का है 
अपनी ज़ुबान का
जब कि वक्त बदलते ही
वो अपनी ज़ुबान से मुकर जाता है

Friday, 20 October 2017

HOPE

"Things're not permanent",
nature gives that sign,
No one is here
forever to stay...
Temporary feelings
sometimes vitiate the life,
& risk of losing the ties
is raising day by day...
Some specious features are
faulty inside,
Faces of people
are changed everyday...
Hearts become pitiless
& reckless are minds,
Truth is that
it's impossible to gainsay...
But the true hopes
can never die,
So set the goals,
don't let them stray...
A book can't be judged
by its cover,
So it's better to ignore
whatever people say...!!

Tuesday, 17 October 2017

नई बहार आने को है

हरा भरा है आज दिल का आँगन
लगता है कोई नई बहार आने को है
आसमाँ भी है आज खिला खिला
लगता है हसी का बादल छाने को है
आँखो में खुशी की है चमक
लगता है ग़म का अँधेरा जाने को है
बहुत रूला लिया लोगों ने मुझे
बस अब खुशी के पल आने को हैं
चलो माना की यह सब बातें ही हैं
लेकिन ऐसी बातें बनाने के बहाने तो हैं